September 2026 में Share Market क्यों गिरा? Nifty और Sensex में गिरावट के 5 बड़े कारण
सितंबर 2026 भारतीय शेयर बाजार के लिए उतार-चढ़ाव भरा महीना रहा। महीने के दौरान Nifty 50 और Sensex में करीब 6% की गिरावट देखने को मिली। 30 सितंबर को कारोबार के अंत में Nifty 50 करीब 22,620 के स्तर पर और Sensex 72,480 के आसपास बंद हुआ। बाजार में आई इस कमजोरी ने निवेशकों के बीच एक बड़ा सवाल खड़ा किया है कि आखिर भारतीय शेयर बाजार में इतनी गिरावट क्यों आई?
बाजार की इस गिरावट के पीछे किसी एक कारण के बजाय कई घरेलू और वैश्विक कारण जिम्मेदार रहे। आइए जानते हैं सितंबर में शेयर बाजार गिरने के 5 बड़े कारण।
✅✅ 1. विदेशी निवेशकों की भारी बिकवाली
सितंबर में Foreign Institutional Investors यानी FII की बिकवाली बाजार पर सबसे बड़ा दबाव रही। विदेशी निवेशकों ने भारतीय शेयर बाजार से करीब 2.7 अरब डॉलर की निकासी की। 29 सितंबर को ही FII ने लगभग ₹9,980 करोड़ की शुद्ध बिकवाली की।
जब विदेशी निवेशक बड़ी मात्रा में शेयर बेचते हैं तो बाजार में बिकवाली का दबाव बढ़ जाता है और प्रमुख इंडेक्स में कमजोरी देखने को मिलती है।
✅✅ Crude Oil की कीमतों में तेजी
कच्चे तेल की बढ़ती कीमत भी भारतीय बाजार के लिए चिंता का विषय बनी हुई है। सितंबर के अंत तक Brent Crude Oil करीब 103 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच गया।
भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा कच्चे तेल के आयात से पूरा करता है। ऐसे में तेल की कीमत बढ़ने से देश का import bill बढ़ सकता है और महंगाई पर भी दबाव आ सकता है। इसका असर रुपये और कंपनियों की लागत पर भी पड़ सकता है।
✅✅ US Bond Yields में बढ़ोतरी
अमेरिका में 10-year Treasury Bond Yield में तेज बढ़ोतरी ने भी भारतीय शेयर बाजार के sentiment को प्रभावित किया। सितंबर के दौरान US 10-year bond yield 5% से ऊपर चली गई।
जब अमेरिकी बॉन्ड से मिलने वाला रिटर्न बढ़ता है तो विदेशी निवेशकों के लिए अमेरिकी assets अधिक आकर्षक हो सकते हैं। इसका असर emerging markets जैसे भारत में विदेशी पूंजी के प्रवाह पर पड़ सकता है।
✅✅ Geopolitical Tension ने बढ़ाई चिंता
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जारी geopolitical tensions ने भी बाजार में uncertainty बढ़ाई। खासकर West Asia से जुड़े घटनाक्रमों का असर crude oil की कीमतों पर पड़ा।
निवेशक आमतौर पर ऐसे माहौल में जोखिम कम करने की कोशिश करते हैं। इसका असर शेयर बाजार में selling pressure के रूप में देखने को मिला।
✅✅ IT और अन्य सेक्टरों में कमजोरी
सितंबर की गिरावट केवल कुछ चुनिंदा शेयरों तक सीमित नहीं रही। कई प्रमुख sectors में कमजोरी देखने को मिली। IT sector पर विशेष दबाव रहा और Nifty IT में लगभग 11% की गिरावट दर्ज की गई।
इसके अलावा Midcap और Smallcap stocks में भी volatility देखने को मिली। कई शेयरों में ऊंचे valuation के कारण profit booking ने भी बाजार की कमजोरी बढ़ाई।
✅✅ अक्टूबर में बाजार की नजर किन चीजों पर रहेगी?
अब निवेशकों की नजर अक्टूबर में crude oil की कीमत, FII-DII activity, US bond yields, रुपये की चाल और कंपनियों के quarterly results पर रहेगी। इन factors में सुधार होने पर बाजार sentiment बेहतर हो सकता है, जबकि दबाव जारी रहने पर volatility बनी रह सकती है।
✅✅ निष्कर्ष
सितंबर 2026 में भारतीय शेयर बाजार की गिरावट के पीछे FII selling, महंगा crude oil, बढ़ती US bond yields, geopolitical uncertainty और IT सहित कई sectors में कमजोरी प्रमुख कारण रहे। अक्टूबर में बाजार की दिशा काफी हद तक इन वैश्विक संकेतों और कंपनियों के earnings performance पर निर्भर करेगी। निवेशकों के लिए ऐसे समय में केवल बाजार की गिरावट देखकर जल्दबाजी में फैसला लेने के बजाय कंपनी के fundamentals और valuation पर ध्यान देना महत्वपूर्ण रहेगा।
